कोई फ़र्क नहीं पड़ता, तुम्हारे पास कितनी जमीन-ज़ायदाद हैं; सुखी हो- श्रेष्ठ हो तुम जो तुम्हारे पास हसताँ परिवार हैं..!...
कोई फ़र्क नहीं पड़ता, तुम्हारे पास कितनी जमीन-ज़ायदाद हैं; सुखी हो- श्रेष्ठ हो तुम जो तुम्हारे पास हसताँ परिवार हैं..!.
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