तिरंगा हमने भी देखा है
उसके सभी रंग हमें अच्छे लगते हैं
पर तेरा यू हमें
केसरीए , हरे , निले रंगो में बाटना
ये तो सही नहीं|
लोग बेकार हैं
खेंतों मे लाशे बढ रही हैं
कुछ जिंदा है कुछ मुर्दा
हम देख रहे हैं-
गरीब का गरीब होना,
अमीर का और अमीर होना
यू तुम्हारा अच्छे दिन के सपने बेचना
ये तो सही नहीं|
प्यार करना हम जानते है
और निभाना भी
तेरा यू ताजमहल को गाली देना
उसपर राजनीति करना
ये तो सही नहीं|
हम से भी भारत
हम भी भारत
राष्ट्रवाद के मायने हम भी जानते हैं
पर यू तुम्हारा हमसे
हमारे राष्ट्रवाद की इम्तिहा लेना
ये तो सही नहीं|
हम क्या खाये , क्या न खाये
क्या देखें , क्या न देखें
ए तुम हमें बताओ
यू हमारी निजी जिंदगी में तुम्हारा टोकना
ये तो सही नहीं|
"अभिव्यक्ति" क्या हैं?
हम ज्यादा तो नहीं जानते
पर तुम्हे 'हमारे हम होने पर भी एतराज हो'
ये तो सही नहीं|
सुबह की किरणो को किन जेलों में कैद करोगे
हमारे विचारों पर कैसे रोख लगाओगे
हम भी इन्सान , तुम भी
यू खुद को खुदा समझना
ये तो सही नहीं|
मुद्दतो से हम जानते है, समझते है
हम खामोश है
पर यू हमारी खामोशी को हमारी कमजोरी समझना
ये तो सही नहीं|


