आंखों में वो रवानी ना रहीइंतजार, अब वक्त का ज़ुल्म है ,तुम दुर हो, ख़्वाब अंधेरा है,तुमसे मेरी कहानी ना रही ।
आंखों में वो रवानी ना रहीइंतजार, अब वक्त का ज़ुल्म है ,
तुम दुर हो, ख़्वाब अंधेरा है,तुमसे मेरी कहानी ना रही ।