कौन हूँ मैं 
ना हि सूरज का दीप्त पुंज
ना हि चाँद कि तरह रौशन
ना हि गगन के दीप्त तारों मे से एक
ना हि अखिल भू मंडल का अंश
         तो कौन हूँ मैं....
ना हि नदियों का शीतल जल
ना हि स्थित प्रज्ञ पहाड़ 
ना हि परोपकारी वृक्ष 
     तो कौन हूँ मैं.....