इधर हम मशगूल है जिंदगी की जद्दोजहद में

महफ़िल में गैर मौजूदगी से वो नाराज़ हुए बैठे हैं,


दिल कहता है कि सरेराह हक़ीकत बयाँ कर दूँ

अल्फ़ाज़ बेताब हैं पर हम तो बेआवाज़ हुए बैठे है


@निश्छल किसलय