मख़मली ख़्वाब औरसाहस की रेशमी धागों सेबनाये हुए जूते पहनकरसिंड्रेला खेलती थी कभी..जवानी में क़दम रखते हीउसका जूता कही खो गयालेकिन हर सिंड्रेला काराजकुमार नही होताजो खोया हुआ जूताढूँढ़ कर उसे पहना दें...!