पढ़ तो रही हूँ मैंआयत-ए-क़ुरआनतेरे सजदे में ऐ ख़ुदापर याद आ रहा है आजप्रेमचंद का वो नन्हा हामिदखिलौने की हसरतदिल मे दफ़न कर केचिमटा उठा लाया थासच्ची इबादत तो उसकेचिमटे में है..!!किरण के. ✍
पढ़ तो रही हूँ मैंआयत-ए-क़ुरआनतेरे सजदे में ऐ ख़ुदापर याद आ रहा है आजप्रेमचंद का वो नन्हा हामिदखिलौने की हसरतदिल मे दफ़न कर केचिमटा उठा लाया थासच्ची इबादत तो उसकेचिमटे में है..!!
किरण के. ✍