रहती है ख़िज़्र जैसी हर वक्त साथ मेरेमाँ की दुआ सा कोई हमराह ही नही हैकिरण के.
रहती है ख़िज़्र जैसी हर वक्त साथ मेरेमाँ की दुआ सा कोई हमराह ही नही है
किरण के.