दहलीज़ पर दीप तो जला दिए मैंनेये दिल मे क्यों अमावस छाई हुई है ?किरण ✍
दहलीज़ पर दीप तो जला दिए मैंनेये दिल मे क्यों अमावस छाई हुई है ?
किरण ✍