Poetry 1 min read 794.4K reads

जल


प्रिय पानी,तुम ख़ामुशी से बहतें रहना ,दूर तलक फैलते रहना,हँसतें रहना तुम,मुस्कुराते रहना तुम,मुझकों आवाज़ें देतें रहना तुम,तुम ख़ामुशी से बस बहतें रहना,क्योंकि तुम्हारें बगैर जीवनकी कोई कल्पना नहीं है

Read more Earn more Learn more