जज़्बात की बात उनसे करो जिनमें जज़्बा हो...
प्यार की बात उनसे करो जिनमें दिल धड़कता हो...
नाराजगी जताओ उनपर जीनपे हक सा बनता हो...
एहसास बयां वाहा करो जहा दाव ना लगता हो...
क्यूंकि ये महफ़िल ए जज़्बा है जनाब,
यहां रोज़ वो बिकता है जिसके इश्क़ का दरबार-ए-दुनिया में मोल ना लगता हो...