दूर रहना ही सुकून दे गया उन्हें

पास आना गवारा नहीं 


कल तक जिसकी नज़र में बसना था

आज उसको नज़र के सामने आना नहीं


दिल भी उनकी चाहत को भूल नहीं पाया 

साथ जीना है उसके और अकेले भी मरना नहीं


कभी हम बोलते थे वो बातों में गुम हो जाते

आज हम रोते हैं और उनको सुनना नहीं



Jaiswalkhushi