जब भी मेरा मन करता है,
मैं तुम्हें अपने सामने देख सकता हूँ
इसके लिए किसी कोड की ज़रूरत नहीं
किसी प्रोग्रामिंग की ज़रूरत नहीं
जिस पल मैं अपनी आँखें बंद करता हूँ,
मुझे तुम दिखाई देते हो।
जब मैं इस व्यस्त शहर के रात के आसमान में
आधा चाँद देखता हूँ
तो किसी दूसरे शहर में तुम भी
अपनी खिड़की के पास खड़े होकर,
ठीक उसी चाँद को देख रहे होते हो।
जब मैं तुम्हें बार-बार फ़ोन करता हूँ,
और कोई जवाब नहीं मिलता,
तो मैं डर जाता हूँ—
क्या तुम ठीक हो?
क्या प्यार का मतलब
चिंताओं का जाल बुनना है ?
मुझे समझ नहीं आता।
जैसे ही मैं तुम्हारे बारे में सोचता हूँ...
मेरी दुनिया ने
एक अलग ही नक़्शा बना लिया है—
जहाँ हर सड़क
तुम्हारे दिल के पते तक जाती है।
असल में, प्यार
सिर्फ़
स्टोरी के जवाबों
और टाइपिंग के डॉट्स तक
सीमित नहीं है।
इस भाग-दौड़ के बीच
इस बेचैनी के बीच
तुम—वो इंसान—मेरी रूह का पता हो।
[ नोट्स :
स्टोरी रिप्लाई और टाइपिंग डॉट (स्टेटस)—
ये अब सोशल मीडिया के आपसी लेन-देन बन गए हैं। ]
