अरे लड़की कहीं मत जाओ
तुम अकेली रहती हो
तुम सारे दर्द
अपने सीने में छुपाती हो
शादी के बाद तुम पिता के घर में नहीं रह पाओगी
अगर तुम्हें वहां जगह मिल भी गई तो
वो घर खाली रेगिस्तान होगा।
माँ पिता भाई बहन…
सब तुम्हारी गलती गिनेंगे
मेरी बात सुनो…
पड़ोसी भी तुम्हें बुरा भला कहेंगे।
वक्त रहते इंसान बनो
और लड़ना सीखो
अगर तुम्हें पति के घर में खुशी नहीं मिली
तो माँ तुम्हारे साथ नहीं होगी।
आज तुम आंसुओं और दर्द की पतंग मत उड़ाओ
मजबूत बनो और वही करो जो तुम्हारा दिल चाहता है
अभी से जियो… जियो।