कविता - प्रेम
कवि - जोत्सना जरीक
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बेचैन मन घूम जाता है
प्यार
करीब आता है
मेरे बगल में बैठे
क्या इसका नाम love . है
किसी को बताओं ...
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हरे कालीन पर
खुशी के बिना कविता में
मन जिसे पाना चाहता है
Asare-Galpo . के बराबर है
क्या इसका नाम love . है
अभी भी नहीं पता
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समय के प्रवाह में तैरता है
कितने कैनवस
कितने चित्र खींचे हैं
कुछ बचा है
बस साथ रहो
क्या इसका नाम love . है
किसी को बताओं।
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[एनबी- असारे-गैलपो(Asare-Galpo) का अर्थ है
अवास्तविक कल्पना।
यह बंगाली भाषा से है। ]