जब मैं बहुत दुखी होता हूँ
मैं तुम्हारे पास आता हूँ
तब तुम मुझे गले लगाते हो
तेज धूप में
जब मैं गहरे दर्द में होता हूँ
मैं अकेले में जितनी ज़ोर से रो सकता हूँ रोता हूँ
और लिखने की मेज़ उत्सुक है
उन शब्दों को सुनने के लिए जो
मैंने आज तक किसी से नहीं कहे
मेरा विश्वास करो
मैंने अपने जैसा दिल ढूँढा है
लेकिन दर्द का पात्र लबालब भरा हुआ है।
