सपनों की हवा में
मैंने कभी नाव का पाल नहीं उठाया
लू के कारण दिमाग जल गया है
मैं कितनी बार हार चुका हूं
चेहरों और मुखौटों को

जो हमेशा इंसानियत खोते रहते हैं
वे फिर से इसे ढकने की कोशिश करते हैं
नमक छिड़क कर
और जो भी सुखद ध्वनि हो
अच्छा फव्वारा कभी नहीं बह सकता
उनके लिए राग के रूप में

मेरा विश्वास करो… आस्था शब्द
अब होने का फैनुस है
सब ख़त्म है…
इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता.

आज मानव मन खो गया है
छोटी-छोटी भावनाओं की आड़ में
अकेले हम अकेले तुम
नासमझ सभ्यता में
सब अकेले हो रहे हैं…
प्रत्येक अकेलापन एक में विलीन हो गया है।






[ नोट्स :

लू पवन – इसे गर्म लहर भी कहते हैं।
यह लू पश्चिम से चलने वाली तेज़, धूल भरी, गर्म और शुष्क ग्रीष्म हवा है जो उत्तर भारत और पाकिस्तान के सिन्धु-गंगा के मैदानी क्षेत्र में चलती है।

फैनस (फैनस)- इसे पेपर-बैलून या एयर बैलून या लालटेन कहा जाता है।
कागज से बना गुब्बारा जिसे गर्म धुएँ या गैस की सहायता से आकाश में उड़ाया जाता है। ]