मेरी किस्मत ने मुझे फिर उसी मोड पे लाके खडा किया था

उन्ही कठिणायो और परेशानीयो का सामना करना था

लेकिन अब तय था इससे पिछे हटना नही था

और किस्मत के इस खेल से अब डरना नही था.

- प्रज्योत खरात