बेटे पिता के चेहरे की

झुरियाँ होते है

बेटियाँ चेहरे पर उभरी हुई

सबसे सपाट रेखा यानी मुस्कान

बेटे माँ की दोनों

आंख के उपर स्थित

भौहें होते है

बेटियाँ उन भौहों के

एक दम मध्य में लगाई गई बिंदी

माँ बेटी को लगाई गई

हल्दी होती है

पिता बेटी के हाथों में बैठा

मेहंदी का रंग

माँ बेटे की हथेलियों में

कुरेद दी गई लकीरें होती है

पिता उन लकीरों को

सार्थक करने किया गया श्रम

पिता वो सिंदूर है

जिससे माँ

अपनी माँग सजाती है

और

माँ बुशर्ट की वो जेब

जिसमें पिता हमेशा

सिर्फ़ अपना हृदय रखते है


-केयूर दरबार