उस पार
उस पार मिलूंगा मैं
जहाँ कोई शोर न हो,
मेरे तुम्हारे अलावा कोई और न हो
जहाँ तेरे साथ चल सकु,
वो कभी न ख़त्म होने वाली बातें मैं कर सकु
जहाँ लोग न हो,
उनकी उम्मीदों का वहाँ कोई बोझ न हो
उस पार मिलूंगा मैं
जहाँ तेरे साथ चलूंगा मैं।
जहाँ कोई किनारा न हो,
तेरे अलावा मेरा कोई सहारा न हो
जहाँ हर लम्हा धीरे धीरे बीतें,
उन यादों को वो फिरसे सींचे
उस पार मिलूंगा मैं
जहाँ तेरे साथ रहूँगा मैं।
#badwriter #K10


