मैं शून्य हूँ
ना शुरुआत ना अंत हूं
ना आदि ना अनंत हूं
ना भूत ना भविष्य हूं
ना राज ना रहस्य हूं
मैं जो हूं , बस मैं यही हूं
मैं शून्य हूँ
ना ज्यादा ना कम हूं
ना मस्त ना मलंग हूं
ना अजीज ना बैरी हूं
ना भक्त ना पुजारी हूं
मैं जो हूं , बस मैं यही हूं
मैं शून्य हूँ
ना आंशु हूं ना जल हूं
ना पाप ना फल हूं
ना उजाला ना अंधकार हूं
ना रोगी ना बीमार हूं
मैं जो हूं , बस मैं यही हूं
मैं शून्य हूँ
ना कपट ना छल हूं
ना लचक ना अवीचल हूं
ना भक्त ना भगवान हूं
ना पिता ना सन्तान हूं
मैं जो हूं , बस मैं यही हूं
मैं शून्य हूँ
ना सच ना झूठ हूं
ना झाड़ी ना झुरमुठ हूं
ना ज्योति ना ज्ञान हूं
ना जानवर ना इंसान हूं
मैं जो हूं बस मैं यही हूं
मैं शून्य हूँ
ना रात ना दिन हूं
ना गोरा ना मलिन हूं
ना लक्ष्मण ना राम हूं
ना कृष्ण ना बलराम हूं
मैं जो हूं बस यही हूं
मैं शून्य हूँ
ना चैत ना बैसाख हूं
ना जेठ ना असाढ हूं
ना सावन ना भादो हूं
ना आसीन हूं ना कार्तिक हूं
मैं जो हूं बस मैं यही हूं
मैं शून्य हूँ
ना नदी ना समन्दर हूं
ना बाहर ना अंदर हूं
ना धारा ना बूंद हूं
ना शिव ना मुकुंद हूं
जो ना था कभी,जो था भी हमेशा, जो ना रहेगा कभी
मैं बस वो-ही हूं
मैं शून्य हूँ .......


