पथ पे पथिक, कभी ना रुकना,
जब तक मंज़िल ना मिले,
मर-मिट जाना, इसी राह पे,
छोडकर अपनी, अमिट निशानी...!!
तूफानो से कभी ना डरना,
ज़ीवन का य, संघर्ष सहज है,
लहरो को, संगीत बना कर,
साहिल को पा जाना, ज़ीत है...!!
अडिग, अटल चट्टान को देखो,
सहज़-सर, विनम्र वृक्ष वो,
कभी ना टूटे, कभी ना रूठे,
ज़ीवन के संघर्ष से खेले...!!
पथ पे पथिक, कभी ना रुकना,
जब तक मंज़िल ना मिले,
मर-मिट जाना, इसी राह पे,
छोड. कर अपनी, अमिट निशानी...!!
