एक दिन लड़की जब
ससुराल जाती है
कुछ सपने
साथ ले जाती है
ससुराल में सबको
खुश रखने की
जी तोड़ कोशिश करने में
कई साल
यूं ही बीत जाते हैं
कई साल बाद
जब लड़की
ससुराल से
मायके आती है
तब नहीं मिलती
छाया , माया,
और लता
सब पराई हो चुकीं
ठीक उसकी तरह
मां के हाथ दुर्बल,
पिता के पांव में
कुछ कम्पन
महसूस करती है
पिता अपना दर्द
छुपा लेते हैं
लड़की अपना दर्द
छुपाती है
दोनों एक दूसरे से
नज़रे चुरा लेते हैं
लेकिन दर्द
नहीं छुपता
फ़िर नम आंखों से
फर्श को देखते हैं
दो दिन में वापस
चली जाएगी लड़की।

