कैप्टन मनोज पाण्डेय जी 

को नमन है 

जिनके बलिदान के कारण हम भारतीय साँस लेते हैं 

कारगिल के युद्ध को हम कैसे भूल सकते हैं !

अपने प्राणों को किया न्योछावर 

भारत माँ की खातिर

मान बढ़ाया भारत का, मिट गए फर्ज की खातिर 

अपनी जन्मभूमि का सम्मान से सिर ऊँचा किया

प्रज्ञा' ने उस वीर जवान को उसकी जयंती पर 

अल्फ़ाज़ो से सजे पुष्पों को अर्पित किया।।