रघुपति के राज में फिर रावण घुस आया था

भारतवर्ष की भूमी पर उसने लहू बिखराया था

घुसकर उसके साम्राज्य में आधी रात में प्रभु हनुमान ने उसका घमण्ड खाख कर डाला था

इतिहास गवाह हैं राम की भूमी पर फिर रघुवश का तिरंगा फहराया था..

फिर रघुवंश का तिरंगा फहराया था.....

रात वही.. आग वही... अंजाम वही...

भारत माता की जय ?