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हाल-ए-दिल


"तुम एक तेज़ हवा के झोंके की तरह आयेऔर आकर चले गए ,हम ख़ामोश तेरा आना और जाना देखते रहे ।सोचा था जब मिलोगे तो कर देंगें हाल-ए-दिल बयां,पर जब सामने आए सब कुछ आंखों में छुपा के रह गए"

©काव्या शेखर

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