आजकल चमकदार राहों परबनाने वालों के ही 'पेशानी' कीसिकुड़ी हुई लकीरें दिखती हैं,मुझे माफ़ करना दोस्तों;सुना है कि आजकलग़रीबों के ग़रीबी की तस्वीरें भी बिकती हैं!!
आजकल चमकदार राहों परबनाने वालों के ही 'पेशानी' की
सिकुड़ी हुई लकीरें दिखती हैं,मुझे माफ़ करना दोस्तों;
सुना है कि आजकलग़रीबों के ग़रीबी की तस्वीरें भी बिकती हैं!!