देखो ! प्रेम मुझे पढ़ने मत बोलो-

वो तो करने के लिए है,

या तो आँखो से कर लो पूरी बात

या फ़िर डूब जाओ उसमें

चाहे दिन हो या रात।।

~राजीव नयन