हिन्दी ने ही मार्ग दिखाया,

हिन्दी ने ही जीवन समझाया,

हिन्दी ही पहचान है,

माँ जैसा ही संबंध है;

माँ जैसा ही सम्मान है।।


~राजीव नयन