स्व प्रमोद ही अपनी दुनियाँ
अपनी धुन में ही हम रहते हैं,
संताप देखकर औरों का
ऐसे गवाह हैं कि चुप रहते हैं,
अपनी पर आती बात अगर तो
ख़ूब बजाते गाल हैं भाई !
सचमुच में कमाल है भाई !
~राजीव नयन


स्व प्रमोद ही अपनी दुनियाँ
अपनी धुन में ही हम रहते हैं,
संताप देखकर औरों का
ऐसे गवाह हैं कि चुप रहते हैं,
अपनी पर आती बात अगर तो
ख़ूब बजाते गाल हैं भाई !
सचमुच में कमाल है भाई !
~राजीव नयन