अजब दृश्य है!
कानों में रूई डाले बहरों को
सुनने के लिए 'चीत्कार' चाहिए!
व्यवस्था के मालिकों को
बेबसी से भरी 'गुहार' चाहिए!
~राजीव नयन


अजब दृश्य है!
कानों में रूई डाले बहरों को
सुनने के लिए 'चीत्कार' चाहिए!
व्यवस्था के मालिकों को
बेबसी से भरी 'गुहार' चाहिए!
~राजीव नयन