हिमालय ऊँचा है,

यह कहकर क़दम खींच लो पीछे;

ये कोई बात है!

जब निकले हो सफ़र में तो

पत्थरों और ठोकरों का क्या?

दृढ़ता से बढ़ो आगे

हिमालय के शीर्ष पर 

स्वागत तुम्हारा,आकाश करेगा।।

~राजीव नयन