बहुत कुछ कहा -

बस समझ लिजिए कि हर दौर के दृश्य 

लफ़्ज़ों में नज़र आते हैं,

नज़ाकत और हुंकार का ऐसा संगम

कि स्वर गूंँजते ही वक़्त ठहर जाते हैं,

जिनके शब्द ही रौशनी हैं;

वो गुजर जाने के बाद भी रास्ता ही दिखाते हैं।।


#अलविदा 'राहत साहब'

~राजीव नयन