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अभी आसमान बहुत है

Kavya SafarKavya Safar March 27, 2023
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क्यों ख़रीद लूंँ ज़रूरत से ज़्यादा
ये सोचकर की दुकान बहुत है?
क्यूँ बना लूंँ घर यूँ ही कहीं 
ये देखकर की मक़ान बहुत है?

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