जो साथ मेरे चल सको तो चलो , हम न जाने कहा छूट जाये हमें पकड़ कर चल सको तो चलो , भरोसा रखो इन कंधो पर , न पछताओगे तुम कभी , चलना है अगर सफर में चलो मेरा बाह पकड़ कर तुम चलो हम न जाने किस मोड़ पर चले जाये , हमें पकड़ कर चल सको तो चलो हमें जाना कहा तक है पता ही नहीं हमें बस सफर में समान कम ज़िंदगी में नफरत कम बस मेरे साथ चल सको तो चलो यहाँ जीते तो है सभी मगर हम कुछ ही अलग अपने में हुनर रखते है चल सको तो चलो जल सको इस सफर में तो मेरे हाथ पकड़ कर चलो हम खुद से ही आगे है ये हमें पता है यहाँ सभी भीड़ में है खड़े यहाँ पर , चल सको तो चलो मेरे साथ हम तो तनहा है यहाँ पर आप खुद को बदल सको