थोड़ी सी पी शराब  थोड़ी सी उछाल दी कुछ इस तरह से हमने  जवानी निकाल दी हमने सिया है दोस्ती में  होठों को इस तरह जिसने भी दी हमारी जहाँ में मिशाल दी अब डर नहीं ज़माने में दोस्तों "राहुल "ने दुश्मनी भी  मोहब्बत में टाल दी क्या तुझको था मेरे आने का इंतज़ार “राहुल” ने मौत भी  सस्ते में टाल दी  ॥॥