जबसे ये यार मेरा रूठ गया  है

न नींद आती है न चैन अता है

बस यही बात दिल को सताता है

जबसे ये मेरा यार रूठ गया है

न जाने कहा की वोह बस्ती गया है

लगी आग मेरे कस्ती में यहाँ

उसको न ये खबर है

मेरे दिल की आवाज की

न परवाह है जो उसको मेरा

क्या मै कहु मेरा यार की

जाने कैसी है ये बेपनाह प्यार की

सजा पायी है हमने यहाँ पर

किस किस सुनाऊ दास्ता अपने प्यार की

जबसे ये यार मेरा रूठ गया  है 

न जाने किस जगह वोह गए