वो आसमा वो जमी थी मेरी वो यार वो दोस्त थी मेरी लेकिन बस तेरी मेरी मकसद रह गयी अधूरी वो मंजिल वो इरादे इस दिल में पड़े थे ॥ ये दफ़्ती तेरी  दिल में पड़ी थी लेकिन तेरी मेरी एक घडी थी जब तू मेरे मन के कोने में खड़ी थी वो दिल वो मन क्यों था तेरे पीछे दीवाना ॥ ये सपने ये रातें ये दोस्ती ये चाहत लेकिन क्यों थे सब तेरे  यार याराने दिल में ये ढूढू पन्नो में ये ढूढू ॥ ढूढ़ेगा यार तेरा दीवाना वो लम्हे वो याराने वो मकसद वो दुनिया के याद थे मेरे ये यादें ये बातें वो इजहार थी मेरी ॥॥