ऐ सुन तो जरा दिन तपाये है रात -दिन मैंने दुनिआ की भीड़ में सिर्फ तुझे ही देखा ऐ सुन जरा तुझसे कुछ कहना अभी बाकि है होश उड़ गए तेरे ख्वाब में रात हुई दिन हुआ पर हमें खबर तक नहीं , तेरी चाहत ने मुझे इस कदर किया , की दुनिआ की नजर में मै पागल दीवाना हुआ ऐ सुन तो जरा आज पहली बार कुछ , कुछ कहने करने का इरादा है , मेरे यार तुझसे मिलना बहाना है बस सुन तो जरा मै तेरा होकर भी न हो सका कुदरत ने चाहा तो , मै तेरा ही होकर आऊंगा बस कुछ वक़्त अभी बाकि है बस तेरे याद के कुछ लम्हे अभी बाकि है , ऐ सुन तो जरा तेरी याद.अभी बाकि है , बस अब तो तेरी तस्वीर बनानी बाकि है