भारत तुझे मुबारक दिवाली, रातें भी हो सब उजियाली
डीप जले तो भाग जाए, जो लगाए मेरे देश को नज़र काली
आज प्रभु श्री राम आएंगे, माँ सीता को भी संग लाएंगे
हम पटाखे और लाइट जलाएंगे, नए कपडे पहन दोस्तों संग धूम मचाएंगे
रामजी हमें भी सिखला दो ना
ये जीवन रुपी धनुष उठाना , उसपर सत्त्कर्मा की प्रत्यंचा चढ़ाना
नारियो का सम्मान करना और भाई धरम निभाना
माँ पिता के वचनो का मान रखना और अपने कुल वंश की आन बढ़ाना
वनो को बिना काटे उन संग रहना और किसी गरीब शबरी के बेर प्रेम पूर्वक खाना
हनुमान जी जैसा सच्चा मित्र कैसे पाया जाता है
आतंक और अन्याय की लंका को कैसे जलाया जाता है
इंसानियत के दुश्मन को कैसे मार गिराना है
और कैसे आमिर गरीब के बीच संवेदनशीलता का सेतु बनाना है
जो अपने सूपनखा की नाक ना काटी होती, तो माता सीता का चुरि होती
जो आप विभीषण से ना मिले होते तो लंका ना जाली होती
जब जब जो जो होना है, तब तब सो सो होता है
इस बात की सत्यता हमने ना समझी होती
वो सहनशील, वीर धैर्यवान है, जिन्हे हम मर्यादा पुरर्षोत्तम कहते है
वो राम लल्ला वापस आ चुके है, पता है ना वो आज कल कहाँ रहते है
बुराई पे अच्छाई की जीत का नाम दिवाली है
धूल पड़े रिश्तो को मिठास से भरने का दिन दिवाली है
ख़ुशी बांटना, डीप जलना, अपने परयो को गले लगाना
आज काम से काम एक गरीब के चेहरे पे तो मुस्कराहट लानी है
क्योकि भारत देश का गौरव दिवाली है
चन्दन, धूप , फूल वाला थाल हमने भी सजाया है और कुछ मिठाई भी बनाई है
मेरी ओर से मेरे देश वासियो को दिवाली की हार्दिक बधाई है


