तुम लड़की हो चलो अंदर चल, जब पुछा जाए सिर्फ तभी बोला करो

सुबह जल्दी उठना, शाम से पहले घर आना, घर के काम सीखा करो


भैया पापा देख लेंगे, तुम्हारा भला जानते है

तुम्हे क्या चाहिए तुमसे ज़ादा वो पहचानते हैट्यूशन में किसी ने छेड़ा, गलती तुम्हरी होगी

कल तुम रास्ता बदल लेना, वैसे भी पढ़ के क्या करोगी

वैक्सिंग रेगुलर किया करो, लड़किया मोटी अच्छी नहीं लगतीबालों को लम्बा करो, अच्छे घर की लड़किया बॉय कट नहीं रखती

मुँह पे थोड़ा बेसन लगाओ, प्लीज ब्लॉन्ड लुक तो बिलकुल मत रखना ,

हमारी जाती धर्म याद है न, बस यही भूल मत करना

हाँ कहा तो हॉनर किलिंग, ना कहा तो एसिड मिलेगा

ज़ोर से मत हसो,ज़माना क्या कहेगा

तुम्हरी शाद्दी की उम्र और कितने बच्चे करने है, ये हम बतायेंगे

तुम्हरे सर से ये वुमन एम्पावरमेंट का भूत हटाएंगे


DJ बनना है, लिव इन मे रहना है

टीचर बनो, शर्माजी का लड़का बेस्ट रहेग,

ऐसा दिल्ली वाले ताऊ जी का कहना है


इस कलर मे आंटी हो लगती, स्कर्ट इतनी छोटी क्यों पहनती हो

खाना माँ से अच्छा नहीं बनती, इस जॉब मे भी लेट घर क्यों आती हो

बच्चे को ठीक से क्यों नहीं संभालती , तुम मोबाइल में हर वक्त हो लगी रहती,

सहेलियां बहुत है तुम्हारी, सैटर डे को भी अंडा बना देती हो


देर रात तक नेटफ्लिक्स , सुबह सात बजे तक सोती हो

कहीं हर्मोनल डिसऑर्डर तो नहीं, जो हर छोटे बड़े अपमान पर रोती होकार लेडीज चलती है, तभी तो एक्सीडेंट होते है

भला लड़कियों के टैटू भी कभी परमानेनेट होते है

माँ ने खाना बनाना नहीं सिखाया ,सिन्दूर इतना काम क्यों लगाया है

स्कूटी चाहिए , लगता है बाप ने लगता है खूब सर पे चढ़ाया है

इस बार बेटी नहीं बेटे की कोशिश करना, बाकी वैसे तो सब उसके हाथ है

मंडे के नर्जला व्रत करना और काली भैस को रोटी खिलाना, बाकी ये तो सब कहने की बात है


अब बच्चो का सोचो, कहाँ अपना करियर बनाओगी,

शादी के बाद पढाई और जॉब, तुम क्या कोई नया इतिहास रचाओगी


अब तो तुम कमाती हो तभी तो तुम इतराती हो,

अपनी तनख्वाह से बिना पूछे कुछ न कुछ ले आती हो

इसका मतलब ये न समझना की वो तुम्हारे दुखते पैर दबाएगा

आखिर घर का असली मर्द तो वो ही कहलाएगा


तुम नीला कलर मत पहना करो, टीन ऐजर लुक सूट नहीं करता

ज़िन्दगी भर मुझे कुछ न कुछ सीखाने स, पीछे कोई नहीं हटता


प्यार बहुत करते हैं तुमसे, पर आज़ादी ना दे पाएंगे,अगर तुम्हारी कोई आदत बिगाड़ दी हमने,

तो तुम्हारी ससुराल में क्या मुँह दिखाएंगे,


जो मेरे कपडे के लम्बाई से, मेरे संस्कारो का अंदाज़ा लगाते हैअरे इतना तो बता दो भैया, वो मेरे क्या कहलाते है


वो कहते है मुझे तो अपनों ने लूटा गैरो मै कहाँ दम था

मेरी कश्ती डूबी वहां जहाँ पानी काम था

मै कहती हु भला ये कैसा रिश्ता जिसमे तुम ज़्याद, मैं काम था

क्यों तुम्हारे लिए खुद को बदला, सिर्फ इस बात का गम था


मेरे आत्मसम्मान पाने की इच्छा कोई मर्ज़ नहींमेरे दिल की पीड़ा भले ही कहीं दर्ज़ नहीं

चाहे तुम मुझे अबला, बिचारी, मगरूर, आवारा कुछ भी पुकारो

पर अब अपने सपनो के लिए मुझे भगवान से अड़ने से भी हर्ज़ नहींकुछ भी सीखने से नहीं है कभी मुझे कोई एतराज

पर अब संभल जा ऐ हिन्दुस्तान, बदल रहे है अब हम लड़कियों के मिज़ाज़


You Tube Link


https://youtu.be/wPDLVOG0tQQ