आज फिर सजी है वो और उनके मेहँदी वाले हाथ

आज फिर भूखी प्यासी रहेंगी और मांगेंगी सैयांजी का जीवन भर का साथ

आज फिर पूजेगी सरगी , वो गहने वो साड़ियां

वही पुरानी रस्मे पर फिर भी है कुछ नयी सी बात

पतिदेव की लम्बी आयु, स्वस्थ जीवन की है कामना हमारी

वो सावित्री की तरह यमराज को हरा कर, रक्षा करेंगी तुम्हारी

वैसे सिर्फ आज ही भूखी नहीं रहती वो तुम्हारे लिए

अक्सर तुम्हारे खाना खाने के बाद है आती है उसकी बारी

आपकी पसंद का ख़याल सिर्फ आज ही नहीं

आपकी एक नज़र का इंतज़ार सिर्फ आज ही नहींआपके जीवन मैं क्या है इनकी अहमियत और hasti

हमेशा खुद को आपके लिए बेहतर बनाने का ख्याल सिर्फ आज ही नहीं

आज ये पारलर जाएंगी, extra मेकअप लगाएंगी

खुद से खुद ही का कम्पटीशन सा करवाएंगी

पकवान बनाएंगी, सबको फ़ोन मिलायेंगी

और गलती से अगर पति देव ने इनकी dp लगा ली

तो पक्का ख़ुशी से ही मर जाएंगी

पति परमेश्वर होता है ये जानती है

उनकी ख़ुशी मे तुम्हरी ख़ुशी है ये भी मानती हैबच्चो की जिमादि, सास ससुर और तुम्हारे रिश्तेदार

अतए इख्तियार हो या आधुनिकता का बुखार

सबके बीच का तालमेल भी अच्छे है संभालती है

लेकिन जब आज कल तो एक advertisement या joke तक भी

औरत बिना मौजूद नहीं

तो क्यों पति बिना पत्नी का आज भी कोई वजूद नहीं

क्यों तुम मेरे लिए 16 सोमवार नहीं रखते  

क्यों तुम मंगलसूत्र, सिन्दूर, बिछुआ जैसे कसीदे नहीं पड़ते

क्यों सिर्फ धरम पत्नी और अर्धागिनी ही होता है

क्यों सिर्फ औरत का अधूरापन ही माननिये होता है

विधवा , बाँझ , लक्ष्मी, कुलटा

जैसे अनेको उपनाम औरत को ही क्यों

और फिर उसके करवाचोथ के तप का परिणाम तुम्हे ही क्यों 


खैर आज आपके लिए प्यार ये खूब सज के बताएंगी

अपना पत्नी धर्म अच्छे से निभाएंगी

चलो चाहे मत दो आज कोई ख़ास उपहार

बस दे सको तो दे देना सच में बराबरी का अधिकार 


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https://youtu.be/LzUvhRNBtDM