विशाल संस्कृति की धरोहर, मेरा भारत महान,
पुराणिक इतिहास , और कुल 36 करोड़ भगवान्आबादी करीब 130 करोड़ जिसमे की 70 प्रतिशत किसानये incident सुनने के बाद चाहे तो ट्वीट करले
गाओ हमारे, हमारी पहचान
वो दुबला पतला था पर ज़ोर से आवाज़ लगता थाएक आदत की तरह वो रोज़ हमारे मोहल्ले में आता थाअब कई बरस बाद सोचा उसके बारे में कुछ लिख दू
सुना दू आपको या वापस रख दू
खैर , यूँ तो ये रोज़ का यकिया लगता हैसुन कर थोड़ा सोचियेगा, वैसे भी सोचने मैं तो कुछ नहीं लगता है
आलू कैसा दिया भैया, मैडम ३० रस किलो
ओहो इतना महंगा चलो कुछ तो कम करो
सब जानते है तुम कितना लूट मचाते हो
सब पैसे हम से क्यों कमाते हो
मैडम मैं खुद ही उगाता हु और बहुत दूर पैदल चल के आता हु
ग्रोफर्स या बिगबास्केट नहीं किसान हु इसलिए थोड़ा थक जाता हुचलिए आप न हो इतना नाराज़२ रस कम दे देना, कुछ तो हो आज आगाज
कम से कम 5 रस कम करो सब जानते है हम तुम्हारी बातें
थोड़ा मिर्ची धनिया फ्री भी दो वर्ना हम कहीं और चले हैं जातेबच्चों की शादी करनी है ज़मीन गिरवी पड़ी है गांव में
थाना में हफ्ता देना है, उस पर से ये lockdown , कुछ एक छाले भी पड़े है मेरे पाँव में
लोग Burger खरीदने में क्यों बार्गेन नहीं करते
लाइफ स्टाइल से ज़रा भी कोम्प्रोमाईज़ नहीं करतहे भगवान् काश मेरे देश में कुछ ऐसा हुआ करे
खेतो मे गेहू प्याज की जगह डायरेक्ट पिज़्ज़ा ऊगा करतब कोई किसान फांसी न लगाएगा, कहीं आत्मदाह न होंगे
किसी की बेटी नीलम ना होगी, और किसी का घर भी शायद जलने से बच जाएगा
शर्म आती है जब देश की इकॉनमी Mac D aur CCD में डिसकस की जाती है
किसानो के प्रदर्शन और ralleye प्राइम टाइम न्यूज़ मे TRPबढ़ाती है उनके ज़ख़्म हमारे फब और स्टेटस की शोभा सजाते है
और फिर भी हम जय जवान जय किसान का नारा लगाते है
जो देश का ही पी रहे है, देश का ही खा रहे है
जाने कौन लोग है जो फिर भी ब्रांडेड ब्रांडेड का गाना गा रहे है
अरे माना बहुत महंगाई है और GDP भी कम है , सरकार कुछ न कुछ तो करेगी
पर यूँ एक दूजे का गाला रेत कर सिर्फ इंसानियत ही मरेगी
औरो के लिए उगाने वाले अनाज आज खुद खाने कपड़ो को है मोहताज़ज़ादा कुछ नहीं तोमेहनत ही दाम दे देते है
वैसे भी सोशल सर्विस
ट्रेंड में है जनाब
You Tube Link :
https://youtu.be/5jGICHCl_2A


