अधूरी ख्वाइशों की अब कुछ यूं कहानी है..

अधूरी ख्वाइशों की अब कुछ यूं कहानी है..


जैसे बैठी हूं किसी किनारे पे..

और दूर दूर तक सिर्फ पानी है..


~कविता