जम्हूरियत इक तर्ज़-ए-हुकूमत है कि जिस में
बंदों को गिना करते हैं तौला नहीं करते
[अल्लामा इक़बाल]
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यही जम्हूरियत का नक़्स है जो तख्त-ए-शाही पर
कभी मक्कार बैठे हैं कभी ग़द्दार बैठे हैं
[डॉक्टर आज़म]
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कभी जम्हूरियत यहाँ आए
यही 'जालिब' हमारी हसरत है
[हबीब जालिब]
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जम्हूरियत के बीच फँसी अक़्लियत था दिल
मौक़ा जिसे जिधर से मिला वार कर दिया
[नोमान शौक़]
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जम्हूरियत भी तुरफ़ा-तमाशा का किस क़दर
लौह-ओ-क़लम की जान यद-ए-अहरमन में है
[बेबाक भोजपुरी]
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जम्हूरियत की लाश पे ताक़त है ख़ंदा-ज़न
इस बरहना निज़ाम में हर आदमी की ख़ैर
[अजय सहाब]
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सुनने में आ रहे हैं मसर्रत के वाक़िआत
जम्हूरियत का हुस्न नुमायाँ है आज-कल
[शेरी भोपाली]
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झुकाना सीखना पड़ता है सर लोगों के क़दमों में
यूँही जम्हूरियत में हाथ सरदारी नहीं आती
[महेश जानिब]

