तुम मुझे छोड़ के जाओगे तो मर जाऊँगा 

यूँ करो जाने से पहले मुझे पागल कर दो 


- बशीर बद्र

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दिल धड़कने का सबब याद आया 

वो तिरी याद थी अब याद आया 


- नासिर काज़मी

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उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो 

न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए 


- बशीर बद्र

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अज़ीज़ इतना ही रक्खो कि जी सँभल जाए 

अब इस क़दर भी न चाहो कि दम निकल जाए 


- उबैदुल्लाह अलीम

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न जी भर के देखा न कुछ बात की 

बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की 


- बशीर बद्र

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वो तो ख़ुश-बू है हवाओं में बिखर जाएगा 

मसअला फूल का है फूल किधर जाएगा 


- परवीन शाकिर

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दिल में किसी के राह किए जा रहा हूँ मैं 

कितना हसीं गुनाह किए जा रहा हूँ मैं 


- जिगर मुरादाबादी

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हमें भी नींद आ जाएगी हम भी सो ही जाएँगे 

अभी कुछ बे-क़रारी है सितारो तुम तो सो जाओ 


- क़तील शिफ़ाई

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इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया 

वर्ना हम भी आदमी थे काम के 


- मिर्ज़ा ग़ालिब

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उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो 

न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए 


- बशीर बद्र

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और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा 

राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा 


- फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

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रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ 

आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ 


- अहमद फ़राज़

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उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो 

धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है 


- राहत इंदौरी

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मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का 

उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले 


- मिर्ज़ा ग़ालिब

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अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें 

जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें 


- अहमद फ़राज़