Kosalendradas Ji is Ex-Head, Department of Philosophy, J.R. Rajasthan Sanskrit University! He is one of the best Sanskrit Teachers in today's modern India. He shares a lot about Sanskrit and ancient India. Here are some facts from his Social Media Wall:


  • There is misconception about #Sanskrit that it is only a language for chanting mantras, but More than 95% of Sanskrit literature has nothing to do with religion. It deals with philosophy, law, science, literature, grammar, phonetics, interpretation etc.

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  • UNESCO declared in 2006 that Vedas are generally known as the oldest scriptures, Being among the first literary documents in the history of humankind. #Sanskrit is the language of Vedas, so no doubt, #Sanskrit is the oldest language in the world.


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  • पूजा में नैवेद्य के उपरान्त ताम्बूल दिया जाता है। प्राचीन गृह्य व धर्मसूत्रों में ताम्बूल या मुखवास का कहीं उल्लेख नहीं हुआ है। ईसा के कुछ शताब्दियों पहले ताम्बूल सर्वप्रथम दक्षिण भारत में प्रयुक्त हुआ और फिर क्रमश: उत्तर भारत में प्रचलित हो गया!
  • शिव को बहुधा पंचतुण्ड (पंचमुख-पंचानन) कहा जाता है। इनके 5 स्वरूप हैं-सद्योजात, वामदेव, अघोर, तत्पुरुष व ईशान। कालान्तर में शैवों-वैष्णवों में एक-दूसरे के विरुद्ध पर्याप्त कहासुनी हुई किन्तु महाभारत व पुराणों के काल में इनमें कोई वैमनस्य नहीं था प्रत्युत सौहार्द एवं सहिष्णुता थी।
  • भक्ति-आंदोलन के प्रवर्तक स्वामी श्रीरामानंदाचार्य के 12 शिष्यों में अनुपम श्री #रविदास भक्ति गगन में भास्करवत् हैं। भक्तमाल में उनके अलौकिक कृतित्व और व्यक्तित्व को सूत्रात्मक रूप में नाभादास लिखते हैं - संदेह ग्रंथि खंडन निपुण बानी बिमल रैदास की!
  • भारत में बौद्धधर्म का लुप्त हो जाना विचित्र घटना है। बुद्ध ने वेद व ब्राह्मणों के आधिपत्य को न माना, न व्यक्तिगत आत्मा व परमात्मा के अस्तित्व में विश्वास किया पर उन्होंने कर्म, पुनर्जन्म तथा विरक्ति व इच्छारहित होने पर संस्कारों से छुटकारा पाने के सिद्धान्तों में विश्वास किया।