
पंडित जी का जन्मदिन है आज! 'मिर्जापुर वेब सिरीज' में सिनेमा में सच्चाई और ईमानदारी जैसे मूल्यों के लिए लड़ने वाले एक जिम्मेदार बाप की भूमिका निभाने वाले इस कलाकार की आत्मा प्रेम के रंगों में भीगी हुई है, जो छनकर उनकी कविताओं में सामने आती है:
(1)
चिता जला दी
भावनाओं की
कविता बना दी
भावनाओं की
बहा दिए फूल
काग़ज़ के,
मैने गंगा में।
मेरी मुक्ति मुझइक लकड़ी की कलम से मिलल
(2)
अमावस की रात पैदा हुआ मैं
मौत मुझे पूनम को आये
आस मेरी रही घटती-बढ़ती
अब आये , तुम तब आये
चाँद के पापड़ सेंकना
ज़रा नाज़ुक सा काम है
तुझे इकटक बैठे देखना
ज़रा नाज़ुक सा काम है
(3)
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