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ॐ रामदूताय विद्महे कपिराजाय धीमहि

Kavishala SanskritKavishala Sanskrit December 5, 2023
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ॐ रामदूताय विद्महे कपिराजाय धीमहि।

तन्नो हनुमान् प्रचोदयात्॥

ॐ हम भगवान राम के दूत और वानरों में सर्वश्रेष्ठ से प्रार्थना करते हैं। हनुमान हमें जागृत करें।


बुद्धिर्बलं यशो धैर्यं निर्भयत्वमरोगता।

अजाड्यं वाक्पटुत्वं च हनुमत्स्मरणाद्भवेत्॥

बुद्धि, बल, यश, धैर्य, निर्भयता, स्वास्थ्य, चेतना, और वाक्पटुता, ये सब श्री हनुमान् जी का स्मरण करने से प्राप्त हों।


शान्तः प्रयासात्पूर्वं विषमादनन्तरं च।

शांत​ – प्रयास के पूर्व भी, तुफ़ान के उपरांत भी।


ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि ।

तन्नो हनुमत् प्रचोदयात् ॥

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