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शिक्षा ही विकासशील से विकसित होने का एक मात्र मार्ग है!

Kavishala LabsKavishala Labs December 3, 2021
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‘नहि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते’

-श्री कृष्ण(श्रीमद्भगवद्‌गीता)


शिक्षा ही विकासशील से विकसित होने का एक मात्र मार्ग है।अगर हमे देश को विकासशील से विकसित बनाना है तो हमें राजनीति पर नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना होगा। जिस दिन बाहरी बच्चों के मन में आएगा कि हमे भारत के स्कूलों और विश्वविद्यालों में जा कर पढ़ना है और जिस दिन भारत की शिक्षा व्यवस्था विश्व स्तरीय हो जायेगी ये देश विकसित हो जाएगा। तब हम गर्व से यह कह सकेंगे की भारत एक विकासशील देश नहीं एक विकसित देश है।

-मनीष सिसोदिया 


भारत एक विकासशील देश है जो विकसित होने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। अपनी स्थिति को विकासशील से विकसित बनाने के अथक प्रयास में जिसकी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है वो है देश की शिक्षा व्यवस्था। हम अक्सर ये सुनते हैं कि युवा ही देश का भविष्य है ,और रीढ़ की हड्डी है ऐसे में इन्हे पूर्ण शिक्षा मिलना देश की उन्नति के लिए अति अनिवार्य है।  हांलाकि भारत ने पिछले एक दशक में शिक्षा के क्षेत्र में काफी तरक्की की है, लेकिन अभी भी इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि भारत आज भी साक्षरता में बहुत पीछे है। सरकार के लिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि हर भारतीय को पूर्ण शिक्षा मिले।



बात करें साल 2011 तक के आंकड़ों कि तो उसके अनुसार भारत में 74 फीसदी नागरिक साक्षर हैं, जिनमे महिलाओं की साक्षरता दर 64.6 प्रतिशत है। वहीं शहरों के मुकाबले गावों में साक्षरता की स्थिति और निम्न है। 


वर्तमान शिक्षा स्थिति 


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